Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full //top\\ Info

आदिदेव अलवेशरु, विनीतानी राय;नाभीराया कुल मंडनो, मरुदेवा माय।पांचसे धनुषनी देहडी, प्रभुजी परम दयाल;चौराशी लाख पूर्वनी, जस आयु विशाल।वृषभ लांछन जिन वृषधरू, वंदू वार हजार;'कीर्ति' कहे भवजल तरण, ए साचो करतार।

भगवान आदिनाथ के प्रथम गणधर ने इसी गिरिराज पर ५ करोड़ मुनियों के साथ मोक्ष प्राप्त किया था, जिसके उपलक्ष्य में यह वंदन किया जाता है。 चैत्यवंदन मूल पाठ: palitana 5 chaityavandan in hindi full

- द्वितीय चैत्यवंदन नाभीराया कुल मंडनो

शांति जिनेश्वर सोलमा, अचिरा सुत वंदो;विश्वसेन कुल नभोमणी, भविजन सुख कंदो।मृग लांछन जिन आयुखूं, लाख वरस प्रमाण;हत्थिनापुर नगरी धणी, प्रभुजी गुण मणिखाण। प्रभुजी परम दयाल

रायण वृक्ष के नीचे स्थित का वंदन अत्यंत फलदायी माना जाता है。 चैत्यवंदन मूल पाठ:

पालीताना चैत्यवंदन विधि के मुख्य नियम (Key Rules of Chaityavandan)